मरकज़ से लौटे जमातियों के परिवार के स्वास्थ्य पर प्रशासन की पूरी नज़र

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में कोरोना वायरस की चपेट में आए नौ में से पांच जमाती सिरमौर जिले से संबंधित हैं। परिजन आशंका जता रहे हैं कि वे सभी दिल्ली से पहुंची जमात के सदस्यों से मुलाकात के दौरान कोरोना की चपेट में आ गए हैं। अब रिपोर्ट आने पर जिला स्वास्थ्य विभाग इनके परिजनों के स्वास्थ्य को लेकर नजर रखे हुए है।

पावटा साहिब के बांगरन निवासी हाजी मुस्ताक अली ने बातचीत में बताया कि उनका बेटा शेर मोहम्मद (42) पुत्र मुस्ताक मोहम्मद 7 मार्च से 15 अप्रैल तक ऊना के अंब में सिरमौर से गए हाजी खलील और सभी जमातियों के साथ रवाना हुआ था। बेटा तब से ऊना में ही है। एकदम स्वस्थ व फिट होकर घर से निकला था। बेटे से पहले बात हुई तो पता चला कि टेस्ट निगेटिव निकले। फिर, मंगलवार को ही पता चला कि बेटे का टेस्ट पॉजिटिव है।  

बुधवार की सुबह भी शेर मोहम्मद से मोबाइल पर बात हुई। बेटा कतई भी घबराया नहीं है। बेटे ने कहा कि बुधवार को बद्दी में फिर से टेस्ट होगा। बेटे का कहना है कि दिल्ली से आने वाले जमातियों से मिलना व बातचीत होती रही है। जिसके चलते कोरोना की चपेट में आने की आशंका है। पांवटा के बांगरन निवासी मुस्ताक ने कहा कि पांवटा प्रशासन और पुरुवाला पुलिस थाना प्रभारी के आदेश के बाद बांगरन मस्जिद को 10 दिन पहले ही बंद कर दिया गया है।

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