मैं अब सपा में नहीं हूं, अखिलेश को CM बनाना मेरा लक्ष्य: रामगोपाल

लखनऊ: भाजपा के साथ कथित तौर पर ‘सांठ-गांठ’ करने को लेकर समाजवादी पार्टी से निष्कासित किए जाने के एक दिन बाद रामगोपाल यादव ने कहा कि वह अब पार्टी में नहीं हैं। मैं More »

पाकिस्तान में पुलिस अकादमी पर आतंकी हमला, 57 की मौत; 116 घायल

क्वेटा: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा शहर में पुलिस अभ्यास अकादमी पर हुए आतंकी हमले में 57 लोगों की मौत हो गई और करीब 116 लोग घायल हो गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि हमला More »

उग्रवादियों ने की मणिपुर के CM पर फायरिंग, बाल-बाल बचे

इंफाल: मणिपुर के मुख्यमंत्री आेकराम इबोबी सिंह आज संदिग्ध उग्रवादियों की गोलीबारी में बाल-बाल बच गए। यह गोलीबारी उस समय की गई जब वह उखरूल हेलीपैड पर अपने हेलीकॉप्टर से बाहर निकले। More »

GST के तहत कई दरें रखना नुकसानदायक: चिदंबरम

कोलकाता: पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने आज कहा कि प्रस्तावित वस्तु एवं सेवा कर जी.एस.टी. व्यवस्था के तहत कर की कई दरें रखना ‘घातक’ होगा और यह पुराने ‘वैट’ को नए More »

बैठक में भावुक हुए अखिलेश…पिता से बोले- आप मेरे गुरु, क्यों बनाऊंगा अलग पार्टी

लखनऊ: समाजवादी पार्टी और कुनबे में सबसे बड़ी तकरार के बीच लखनऊ में पार्टी की बैठक शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बैठक में कहा कि मेरे पिता मेरे लिए गुरु More »

 

बैंकों को बंद करने की पॉलिसी बना रही सरकार

बैंकों को बंद करने की पॉलिसी बना रही सरकार

सोलन: अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (ए.आई.बी.ई.ए.) के संयुक्त सचिव व आल इंडिया स्टेट बैंक आफ पटियाला इंप्लाइज यूनियन के चेयरमैन सुशील गौतम ने कहा कि केंद्र सरकार बैंकों को बंद करने की पॉलिसी तैयार कर रही है। इसे किसी भी कीमत पर लागू नहीं करने दिया जाएगा चाहे इसके लिए कर्मचारियों को लंबा संघर्ष ही न करना पड़े। सुशील गौतम सोलन में आयोजित ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ पटियाला इंप्लाइज यूनियन के रविवार को सोलन में आयोजित राज्य स्तरीय नौवेंं वार्षिक सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर रहे थे। इस सम्मेलन में यूनियन के प्रदेश भर से करीब 300 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर सुशील गौतम ने कहा कि सरकारों की बैंकों को मर्ज करने, निजीकरण, लेबर लॉ में (कार्पोरेट पक्ष में) संशोधन करने का स्टेट बैंक ऑफ पटियाला इम्प्लाइज यूनियन कड़ा विरोध करती है। उन्होंने कहा कि संघ की मांग है कि बैंकों के अंदर डूबे हुए कर्जे जिनकी राशि घोषित एन.पी.ए. 12 लाख करोड़ रुपए है, यह आम लोगों का पैसा है, जो डूब चुका है। सरकार ने इस पैसे को रिकवर करने के लिए कानूनों में कोई तबदीली नहीं की, जो कि सरकार की मंशा को दर्शाता है। यूनियन ने डूबी हुई राशि की लिस्ट भी सरकार को दी, लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई उचित कदम नहीं उठाया। स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर-जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ ट्राबनकौर, स्टेट बैंक मैसूर, स्टेट बैंक हैदराबाद को अन्य बैंकों के साथ मर्ज किया जाना है और देश में 7 हजार शाखाएं बंद की जानी हैं, जिनमें 6400 शाखाएं इन 5 बैंकों की हैं।
इसका नुक्सान कर्मचारियों के साथ ही स्थानीय जनता को भी भुगतना पड़ेगा। यूनियन के पदाधिकारी 26 अक्टूबर को संसद भवन के बाहर धरना देंगे।  इस अवसर पर ए.आई.बी.ई.ए. के महासचिव नरेश गौड़ ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों व मेहनतकश जनता के ऊपर अंतर्राष्ट्रीय वित्त पूंजी का हमला लगातार बढ़ रहा है। श्रम कानूनों पर हमला बोला जा रहा है और इसका उल्लंघन करके पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। इस मौके पर ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ पटियाला इंप्लाइज यूनियन के प्रधान जगदीश शर्मा, महासचिव नरेश गौड़, हिमाचल प्रदेश स्टेट बैंक ऑफ पटियाला ए पलाइज यूनियन के अध्यक्ष अरुण शर्मा, महासचिव एम.एस. वर्मा, एटक के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश चंद्र भारद्वाज व एटक के महसाचिव आर.एल. डोगरा ने विशेष रूप से शिरकत की।

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