उत्तरकाशी हेलीकॉप्टर क्रैश: आज देहरादून लाए जांएगे दोनों पायलटों के शव, दी जाएगी श्रद्धांजलि

देहरादून देहरादून लाए जाएंगे पायलटों के शव - फोटो उत्तरकाशी जिले के आपदा प्रभावित आराकोट क्षेत्र के गांवों में राहत सामग्री पहुंचाने के दौरान हुए हेलीकॉप्टर क्रैश हादसे में मृतक पायलट और को-पायलट More »

जम्मू-कश्मीर में अफवाहों को रोकने के लिए अब रेलवे स्टेशन का वाई-फाई भी बंद

जम्मू जम्मू में सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर रोक के लिए शहर के रेलवे स्टेशन पर निशुल्क वाई- फाई सेवा को बंद कर दिया गया है। अब शहर के इंटरनेट More »

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर की गिरफ्तारी पर प्रियंका गांधी का ट्वीट- ये अपमान बर्दाश्त से बाहर है

नई दिल्ली चंद्रशेखर आजाद के समर्थन में आईँ प्रियंका गांधी दिल्ली में रविदास मंदिर तोड़े जाने के विरोध में रामलीला मैदान में जुटे भीम आर्मी के कार्यकर्ता उग्र हो गए और पत्थरबाजी More »

आज दो दिनों की फ्रांस यात्रा पर जाएंगे पीएम मोदी, मैक्रों से द्विपक्षीय मुद्दों पर करेंगे बात

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी-फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिनों की फ्रांस यात्रा के लिए गुरुवार को रवाना हो जाएंगे। अपनी यात्रा के दौरान वह फ्रांस के राष्ट्रपति More »

आईएनएक्स मीडिया ही नहीं, इन छह मामलों में भी चिदंबरम की भूमिका संदिग्ध

नई दिल्ली बुधवार देर रात आखिरकार पूर्व वित्त और गृहमंत्री पी चिदंबरम को सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया केस में भष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। इस केस के अलावा भी चिदंबरम More »

 

GST के तहत कई दरें रखना नुकसानदायक: चिदंबरम

GST के तहत कई दरें रखना नुकसानदायक: चिदंबरम

कोलकाता: पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने आज कहा कि प्रस्तावित वस्तु एवं सेवा कर जी.एस.टी. व्यवस्था के तहत कर की कई दरें रखना ‘घातक’ होगा और यह पुराने ‘वैट’ को नए आकार में पेश करने के अलावा और कुछ नहीं होगा। चिदंबरम ने भारतीय प्रबंधन संस्थान-कलकत्ता के विद्यार्थियाों के साथ आर्थिक सुधारों पर परिचर्चा में कहा, ‘‘हम ईमानदारी से उम्मीद करते हैं कि मानक के डिजाइन की गलत व्याख्या न हो, जी.एस.टी. की मानक घटा और जमा दर हो। हमारे पास 20 दरें हो सकतीं हैं। यह घातक होगा और यह जी.एस.टी. नहीं हो सकता। यह देश को मूर्ख बनाना है।’’ उन्हाेंने उम्मीद जताई कि इस बारे में बेहतर समझ बनेगी और इसमें दरों की संख्या तीन के आसपास रहेगी।

सरकार का जी.एस.टी. को 1 अप्रैल, 2017 से लागू करने का इरादा है। यह पूछे जाने पर कि कुछ राज्य जी.एस.टी. सुधार के लिए तैयार नहीं हैं, चिदंबरम ने कहा कि जब संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने वैट लागू किया था, उस समय भी कुछ राज्य शुरूआत में इसमें शामिल नहीं हुए थे। बाद में सभी इसमें शामिल हो गए थे। उन्होंने कहा कि मानक दर कुछ भी हो, इससे सेवा कर बढ़ेगा। जी.एस.टी. परिषद की पिछले सप्ताह हुई बैठक में उपकर लगाने के मुद्दे पर राज्यों के बीच करीब करीब आम सहमति बन गई थी। हालांकि, कर विशेषज्ञों और उद्योगों ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि इससे एक राष्ट्र एक कर का जी.एस.टी. लागू करने का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।

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