New Era of Services in Himachal Pradesh

New Era of Services in Himachal Pradesh More »

New Era of Services in Himachal Pradesh

New Era of Services in Himachal Pradesh More »

New Era of Services in Himachal Pradesh

New Era of Services in Himachal Pradesh More »

New Era of Services in Himachal Pradesh

New Era of Services in Himachal Pradesh More »

 

Gujarat

उपचुनाव के लिए भाजपा ने जारी की सूची, कांग्रेस के दो पूर्व विधायकों को दिया टिकट

अहमदाबाद भाजपा ने गुजरात विधान सभा के आगामी उप-चुनावों के लिए छह उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। अल्पेश ठाकोर को राधनपुर विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है। थराड विधानसभा से जीवराज भाई जगत भाई पटेल, खेरालू से अजमलभाई

मेट्रो के सामने कूदी महिला, दोनों पैर कटे

नई दिल्ली। जनकपुरी ईस्ट मेट्रो स्टेशन पर शुक्रवार दोपहर एक महिला ने ट्रेन के सामने छलांग लगा दी, जिससे उसके दोनों पैर कट गए। घायलावस्था में उसे दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई गई

डीएमआरसी ने की एयरपोर्ट मेट्रो संभालने की तैयारी

नई दिल्ली। एयरपोर्ट मेट्रो लाइन के संचालन को लेकर गहराए संकट के बादल अब छंटते दिख रहे हैं। डीएमआरसी के एमडी मंगू सिंह और डायरेक्टर ऑपरेशन शरत शर्मा ने इसकी कमान खुद संभालते हुए मेट्रो को संचालित करने की पूरी

मोदी की ताजपोशी, चौथी बार संभाली गुजरात की बागडोर

नरेंद्र मोदी ने गुजरात की सत्ता फिर से संभाल ली है। अहमदाबाद के सरदार पटेल स्टेडियम में राज्यपाल कमला बेनीवाल ने मोदी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। नरेंद्र मोदी चौथी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं। शप‌थ ग्रहण

26 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे नरेंद्र मोदी

नरेंद्र मोदी 26 दिसंबर को चौथी बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। वे पहली बार 1 अक्तूबर 2001 को सीएम बने थे। इसके बाद 2002 में दूसरी बार और 2007 में उन्होंने तीसरी बार गुजरात के मुख्यमंत्री

नरहरि अमीन कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल

नरेंद्र मोदी ने गुजरात कांग्रेस को बड़ा झटका दे दिया है। गुजरात के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे नरहरि अमीन आज बीजेपी में शामिल हो गए। टिकट न मिलने से अमीन काफी नाराज थे, हालांकि कांग्रेस ने

गुजरात चुनाव: इस बार आदिवासी भी डाल सकेंगे वोट

दक्षिण गुजरात के आदिवासी सतीपति संप्रदाय को पहली बार मतदाता सूची में शामिल किया गया है और 2012 के विधानसभा चुनावों में उनके वोट डालने की संभावना है। यह समुदाय अभी तक प्रशासन के साथ सहयोग करने से इंकार करता